Timber defects क्या है और Timber defects प्रकार

नमस्कार दोस्तों आशा करता हू आप सभी अच्छे होंगे। आज हम पढेंगे कि timber defects क्या है और timber में होने वाले defects को किस तरह से बाटा जाता है। साथ ही fungi attack को होने के लिए favorable condition कोनसी है इससे भी जुडी सभी मुख्य पॉइंट को समझ लेंगे।

हमने timber का basics एक lecture में पहले ही cover कर दिया है तो आप इस lecture को पढ़ने से पहले उसे जरूर पड़े। यह topic civil engineering के building materials में cover होता है, तो बिना कोई देरी के आज का article शुरू करते हैं।

What is defect in timber?

अगर कोई timber अपने standard जो कि पहले से decide होता है, उससे अलग behavior show करती है तो उसे defect कहते हैं, ये defect internal या external हो सकते हैं।

Example- अगर timber की surface पर undulation है, उसकी surface पर cracks तो ये भी defect है।

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Timber में defect आने से timber पर क्या फर्क पड़ता है??

  • defect के आने से timber की quality reduce हो जाएगी।
  • उसकी appearance spoil हो जाएगी।
  • उसकी price कम हो जाएगी।
  • कभी कभी defect progressive भी होते हैं मतलब एक छोटा crack आगे चलकर एक बड़ा crack बन सकता है।

Classification of defects in timber

  • Natural force की वजह से होने वाले defect
  • Fungi, bacteria और insect से होने वाले डिफेक्ट
  • Conversion की वजह से होने वाले defect

Defects due to natural forces

  • Knots- जब tree की branch tree से टूट जाती है तो ये defect देखने को मिलता है इसमें जब कोई पेड़ का ऐसा हिस्सा टूट जाता है जो अभी तक nourishment ले रहा था तो वहाँ पर कुछ टाइम के बाद dark hard rings बन जाती है इसे ही knots बोलते हैं।

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  • Shakes- इसमे annual rings के बीच में longitudinal separation(crack) हो जाता है। इस lengthwise separation से timber की shear strength कम हो जाती है पर compressive ओर tensile strength पर कोई ज्यादा फर्क नहीं पढ़ता।

Shakes के अलग अलग types होते हैं और वह इस प्रकार से हैं।

1. Heart shake- Heart wood के Shrinkage की वजह से या फिर जरीरत से ज्यादा mature होने पर tree में pith से सपवुड की तरफ cracks होने लगते हैं जो कि center पर wider ओर outwards छोटे होते हैं।

2-pattern-of-heart-shakes-in-timber

2. Cup shake- ये annular rings को थोड़ा split कर देता है मतलब एनुअल रिंग्स के बीच की दूरी बढ़ देता है इसके होने का कारण यह है कि जब tree young था तो उसने बहुत ज्यादा frost का सामना किया है जिसका affect उसके sapwood पर देखने को मिलता है।

3-cup-shakes-in-timber

3. Ring shake- जैसा हमने cup shake के बारे में जाना कि वो बस partially या थोड़ा ही split करता है ring shake मेंcup shake annual rings को पूरा घेर लेता हैजिससे annual rings की दूरी बढ़ जाती है।

Ring-shake

4. Star shake- इसमे cracks बाहर से अंदर की तरफ होते हैं ,इसमे बाहर तो बड़े या wider cracks होते हैं मगर अंदर ये छोटे हो जाते हैं। ये cracks bark (पेड़ की छाल) से sap wood की तरफ बढ़ते हैं।

5-star-shake

इसका formation होने का कारण यह है कि tree ने extreme frost ओर extreme fierce heat of sun का सामना किया है।

5. Radial shakes- ये defect star shakes से मिलता जुलता है पर इसमे shakes बहुत fine, irregular ओर ज्यादा number में होते हैं।इसका होने का कारण यह है कि wood की बाहरी सतह ज्यादा rate से dry होती है वजाह अंदर वालीwood के।

radial-shake

 

6. Rind galls ( Burls or excrescences)- जब पेड़ की छाल की abnormal growth होती है, तो हमे ये डिफेक्ट देखने को मिलता है, इसका होने का कारण यह है कि पेड़ को young age में injury होना है। इससे मिलने वाली timber weak ओर ज्यादा durable नई होती है।

Rind-galls

7. Foxiness- इसमे पीठ के चारो तरफ red or yellow धब्बे पड़ जाते हैं इसके होने का कारण tree की growth में proper ventilation  न होना है।

8. Druxiness- यह एक fungal attack है इसमें white decayed spot पड़ जाते हैं।

9. Twisted fibers- इसमे tree twist हो जाता है, इसके होने का कारण यह है कि जब tree young age में था तो उसने बहुत तेज हवा का सामना किया होगा जिससे वो एक तरफ मुड़ गया।

Twisted-fibres

10. Upsets (Ruptures)- इसके होने का एक मुख्य कारण भी तेज बहती हवायों का सामना है पर उसके साथ अगर tree crushing या compression से injured हुआ है तो भी upsets बन जाते हैं।

Defects due to Fungus

Fungi plants होते हैं जो कि parasite की तरह काम करते हैं और ये दूसरे पेड़ पर खाने के लिए depend करते हैं।जिनके पास खुद का chlorophyll नहीं होता, fungi जिंदा रहने के लिए timber को खाता है और उसे सड़ा देता है।

Fungi timber पर तभी अटैक करेगी जब ये दो condition favorable हो-

  • Moisture content का 20% से ज्यादा होना।
  • Ventilation के लिए air का होना।

इन दोनों में से किसी का भी न होना fungi के अटैक को नही होने देता।

हम जानते हैं कि dry wood जिसकी moisture content 20% से कम होते है तो वो एक लंबे टाइम तक durable रहती है।

Fungi से होने वाले Defect

  • Brown rot
  • Dry rot
  • White rot
  • Wet rot
  • Blue stain

Insects से होने वाले defects

1. Beetels- इसमे टिम्बर में pin type की tunnel होती है जो कि sap wood तक जाती है और उनका diameter 2mm तक हो सकता है, ये beetles timber को खाके उसे powder के form में convert कर देता हैं।

2. Marine borers- ये भी beetels की तरह tunnel बनाते हैं जिसमे ये रहते हैं। यह ज्यादातर salty water में होते हैं। जिस timber पर इसका attack होता है वो अपना color light कर देती है।

3. Termites- ये कॉलोनी में रहती है और wood को उसके core से बाहर की तरफ खाती हुई उसे खोखला कर देती हैं जिससे वो timber बाहर से तो अच्छा लगता है पर अंदर से पूरा उसे दीमक खा लेती है।

 Conversion से होने वाले defect

Conversion का मतलब जब हम किसी वुड को अपने जरूरत के हिसाब से cast करते हैं उसे छीलकर ओर काटकर।

  1. chip mark- ये mark जब planing machine से timber की surface को finish करते हैं जब आता है।
  2. Diagonal sawing- Wood की improper sawing होने से ये defect होता है।
  3. Torn grain- किसी tool का जब timber के ऊपर गिरने से निसान बनना ही torn grain कहलाता है।

तो दोस्तों इस तरह से हमारा आज का यह टॉपिक खत्म होता है। आशा करता हू आज आपके timber defects से जुड़े कई सवालो के जवाब मिल गए होंगे। अगर आपके अभी भी कोई सवाल इंजीनियरिंग से जुड़े है, तो आप हमे कमेन्ट करके जरूर बताये।

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इंजीनियरिंग दोस्त (Engineering Dost) से जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद 🙂

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